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घर पर रहकर कोविड का इलाज कराने वालों को लंबे वक्त में होता है फायदा

नई दिल्ली: अगर आप या आपके परिवार वाले कोरोना से संक्रमित हैं और घर पर ही रहकर इलाज करा रहे हैं तो लंबे वक्त में आपको इसका फायदा मिलने वाला है। यह रिपोर्ट लैंसेट के जर्नल में प्रकाशित हुई है। हालांकि, इसमें कहा गया है कि होम आइसोलेशन के मरीजों को भी बाद में अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं, लेकिन फिर भी उन्हें बाद में किसी तरह की गंभीर समस्याओं की आशंका कम है। यह जानकारी डेनमार्क की आबादी पर किए गए एक शोध के आधार पर जारी की गई है। जाहिर है कि घर पर वही मरीज रहते हैं, जिनमें कोरोना का ज्यादा गंभीर प्रभाव नहीं होता।

अगर कोरोना वायरस के लंबे समय बाद के प्रभाव की बात करें तो घर पर रह रहे कोविड मरीजों को इसका जोखिम बहुत ही कम रहता है। उन्हें बाद में किसी तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्या होन का खतरा कम रहता है। हालांकि, लैंसेट इंफेक्शियस डिजीज जर्नल के मुताबिक होम आइसोलेशन में रहे कोविड मरीजों को संक्रमण के बाद डॉक्टरों के चक्कर ज्यादा लगाने पड़ सकते हैं। स्टडी में कहा गया है, ‘कोरोना वायरस से संक्रमित जिन मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ती, उनमें पोस्ट-कोविड गंभीर समस्याओं का बहुत ज्यादा जोखिम नहीं रहता। हालांकि, जनरल फिजियशियन और अस्पतालों की ओपीडी में उनका जाना बढ़ सकता है, जो कि कोविड-19 के ही सिलसिले का संकेत है।’ यह स्टडी डेनमार्क में डॉक्टरों के पर्चे, मरीज और स्वास्थ्य बीमा के आंकड़ों पर आधारित है।

इससे पहले अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने होम आइसोलेशन में रह रहे कोविड मरीजों के लिए कुछ गाइडलाइंस जारी किए थे और बताया था कि ऐसे मरीज कब आइसोलेशन से बाहर निकल सकते हैं। पहला- पहले लक्षण आए 10 दिन गुजर चुके हों और दूसरा, बिना दवाई के 24 घंटों से बुखार ना आया हो। तीसरा, कोविड-19 के दूसरे लक्षणों में भी सुधार नजर आ रहे हों। इसमें एक बात साफ की गई है कि यदि कोरोना की वजह से आपको किसी चीज का गंध महसूस नहीं हो रहा हो या स्वाद चली गई हो तो यह परेशानी कई हफ्तों या फिर महीनों तक भी जारी रह सकती है और इसकी वजह से आइसोलेशन खत्म करने में कोई दिक्कत नहीं है। हालांकि, यह गाइडलाइंस कोविड के गंभीर मरीजों या फिर कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों के लिए नहीं है।

वहीं भारत में कुछ दिन पहले एम्स के डायरेक्टर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने होम आइसोलेशन खत्म करने के बारे सलाह दी थी कि जिन मरीजों में लक्षण शुरू होने के 10 दिन बीत चुके हों और बीते तीन दिनों में बुखार न आया हो वह आइसोलेशन खत्म कर सकते हैं। हालांकि एम्स की गाइडलाइंस के मुताबिक 7 दिनों तक उनके स्वास्थ्य की निगरानी की जाएगी। लेकिन, आइसोलेशन की मियाद पूरी होने पर दोबारा आरटी-पीसीआर टेस्ट की आवश्यकता नहीं होगी। उधर यूपी में भी होम आइसोलेशन को लेकर जल्दी ही नियमों में बदलाव की बात कही जा रही है। इस संबंध में 14 विशेषज्ञों की समिति सरकार को रिपोर्ट देगी। इसके बारे में भी जानकारी है कि होम आइसोलेशन को 14 दिन से घटाकर 10 दिन किया जा सकता है और दोबारा जांच की जरूरत भी खत्म की जा सकती है।

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