थाई युवती केस में फिर गरमाया मुद्दा, FIR दर्ज कराने के लिए नूतन ठाकुर ने खटखटाया कोर्ट का दरवाजा

लखनऊ: राजधानी में कोरोना पॉजिटिव होकर अपनी जान गवा चुकी थाईलैंड की युवती का मामला एक बार फिर गरमाने लगा है। इस मामले में एक्टिविस्ट डॉ. नूतन ठाकुर ने युवती की रहस्यमयी मृत्यु के संदर्भ में मुकदमा दर्ज कराने के लिए आज मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में प्रार्थना पत्र देते हुए मामले में लखनऊ पुलिस की जल्दबाजी और आरोपियों को क्लीन चिट देने का मामला उठाया है।
आपको बता दें कि एक्टिविस्ट डॉ. नूतन ठाकुर ने थाई युवती हत्या केस में मुकदमा दर्ज कराने के लिए कोर्ट में आज प्रार्थना पत्र पेश किया है। डॉ. नूतन ने प्रार्थनापत्र में लिखा है कि उन्होंने सबसे पहले थाना विभूति खंड में एफआईआर हेतु शिकायत दर्ज कराई, उसके पश्चात सीआरपीसी में पुलिस कमिश्नर लखनऊ के सामने शिकायत की। उनके अनुसार, प्रार्थनापत्र में आईपीसी 466, 465, 203, 117, 201और 203 के तहत एक हस्तक्षेप करने योग्य अपराध बन रहा है।

डॉ. नूतन ठाकुर ने लखनऊ पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में ऐसे कई मामले सामने आ चुके है, लेकिन लखनऊ पुलिस केस सुलझाने के बजाय मामले की नाम मात्र की जांच करके आरोपियों को क्लीनचिट देती है।
आपको बता दें कि बीते दिनों यह खबर सामने आई थी कि लखनऊ के एक बड़े व्यापारी के बेटे ने 7 लाख खर्च करके थाईलैंड से एक लड़की बुलायी थी, जिसे कुछ लोग कॉलगर्ल कह रहे थे। पर पुलिस इसे कॉलगर्ल नहीं मान रही है। लड़की लखनऊ बुलाया गया था, जहां पर कोरोना के चलते बुरी तरह बीमार पड़ गई। रईसजादे ने इस बात की सूचना थाईलैंड की एम्बेसी को दी। एम्बेसी के हस्तक्षेप के बाद कॉल गर्ल को राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां पर 3 मई को उसकी इलाज के दौरान मौत हो गयी थी।

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