ATS की कार्रवाई पर मायावती-अखिलेश ने उठाए थे सवाल, अब डिप्टी सीएम केशव….

प्रयागराज: हाल ही में यूपी एटीएस ने राजधानी लखनऊ से दो संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। लेकिन इस मामले पर पूर्व सीएम अखिलेश यादव और मायावती ने एटीएस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए है। तो वहीं, अब डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने एटीएस द्वारा गिरफ्तार हुए आतंकवादियों का पक्ष लेकर उनकी तरफदारी करने और एटीएस को दोषी बताने के सपा प्रमुख अखिलेश यादव और मायावती के बयान पर कटाक्ष किया। डिप्टी सीएम ने कहा है कि मायावती और अखिलेश यादव इसे चुनावी चश्मे से कतई न देखें। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य सोमवार को प्रयागराज के नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ वीके सिंह के शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सरकार इस मामले में सख्त कार्रवाई कर रही है। इस कार्रवाई को लेकर किसी को कोई संदेह नहीं होना चाहिए। मौर्य ने कहा कि दलगत राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में सभी पार्टियों को कार्य करना चाहिए। आतंकवादियों की गिरफ्तारी को तुष्टीकरण करने के बहाने वोट बैंक में बदलने का प्रयास अत्यंत निंदनीय है। बिना नाम लिए उन्होंने आगे कहा कि आतंकवादियों के पक्षधरों के डीएनए की जांच होनी चाहिए।

गौरतलब है कि मायावती ने सोमवार को दो ट्वीट किए थे। उन्होंने लिखा था, ‘यूपी पुलिस का लखनऊ में आतंकी साजिश का भण्डाफोड़ करने व इस मामले में गिरफ्तार दो लोगों के तार अलकायदा से जुड़े होने का दावा अगर सही है तो यह गंभीर मामला है और उचित कार्रवाई होनी चाहिए वरना इसकी आड़ में कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए जिसकी आशंका व्यक्त की जा रही है।’ इतना ही नहीं, मायावती ने अपने अगले ट्वीट में लिखा था, ‘यूपी विधानसभा आमचुनाव के करीब आने पर ही इस प्रकार की कार्रवाई लोगों के मन में संदेह पैदा करती है। अगर इस कार्रवाई के पीछे सच्चाई है तो पुलिस इतने दिनों तक क्यों बेखबर रही? यह वह सवाल है जो लोग पूछ रहे हैं। अतः सरकार ऐसी कोई कार्रवाई न करे जिससे जनता में बेचैनी और बढ़े।’

वहीं, अखिलेश यादव ने कहा था कि मैं यूपी पुलिस पर भरोसा नहीं कर सकता हूं खासकर कि भाजपा सरकार का। वहीं सपा के नेताओं का आरोप है कि अखिलेश यादव की गलत क्लिप लोगों के बीच शेयर की जा रही है, जिससे की उनको छवि को खराब किया जा सके। मुख्यमंत्री ने का बयान उस समय आया था जब किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई थी, यह भी नहीं पता था कि ये आतंकी अल कायदा से जुड़े थे।

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