COVAX प्रोग्राम के तहत भारत को मिलेगी मॉडर्ना वैक्सीन की 75 लाख डोज, टीकों….

नई दिल्ली:

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के कोवैक्स प्रोग्राम के तहत भारत को मॉडर्ना वैक्सीन की 7.5 मिलियन (75 लाख) डोज देने की पेशकश की गई है। इस बात की जानकारी सोमवार (19 जुलाई) को डब्ल्यूएचओ दक्षिण-पूर्व एशिया के क्षेत्रीय निदेशक डॉ पूनम खेत्रपाल सिंह ने दी है। डॉ पूनम खेत्रपाल सिंह ने कहा, भारत को वैश्विक स्वास्थ्य निकाय के कोविड-19 वैक्सीन ग्लोबल एक्सेस (COVAX) प्रोग्राम के तहत मॉडर्ना वैक्सीन की 7.5 मिलियन खुराक की पेशकश की गई है।

फिलहाल डब्ल्यूएचओ ने ये बात स्पष्ट रूप से नहीं बताई है कि देश में वैक्सीन के डोज कब से उपलब्ध होंगे। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि टीकों की उपलब्धता इंडेम्निटी क्लॉज के क्लीयरेंस के अधीन है। बता दें कि पिछले महीने भारत के ड्रग कंट्रोलर ने मॉडर्न को अपने कोविड-19 वैक्सीन के लिए प्रतिबंधित आपातकालीन उपयोग प्राधिकरण प्रदान किया था। खुराक भारतीय दवा निर्माता सिप्ला द्वारा आयात किए जाते हैं, लेकिन केंद्र सरकार के दायरे में होंगे।

इसी संबोधन में डॉ पूनम खेत्रपाल सिंह कोरोना के डेल्टा वेरिएंट पर भी बात की। उन्होंने कहा है कि कोविड-19 का डेल्टा वेरिएंट अब 100 से ज्यादा देशों में फैल गया है। ये जल्दी ही दुनियाभर में कोरोना का सबसे बड़ा स्ट्रेन बन जाएगा। इस वेरिएंट के सभी स्वरूपों में से डेल्टा सबसे तेजी से फैल रहा है। नीति आयोग के सदस्य डॉ वीके पॉल ने हाल ही में कहा था कि सरकार मॉडर्ना वैक्सीन के साथ एक्टिव होकर काम कर रही है। ताकि मॉडर्ना वैक्सीन को कैसे देश में आयात किया जाए और कैसे उपलब्ध कराई जा सकती है। सूत्रों के मुताबिक, भारत सरकार ने वैक्सीन के लिए कुछ शर्तें रखी हैं और इसे अमेरिकी दवा निर्माता को बता दिया गया है।