National Statistics Day:जानें भारतीय सांख्यिकी के जनक पीसी महालनोबिस के बारे में?

नई दिल्ली: भारत में हर साल 29 जून को राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस मनाया जाता है। नेशनल स्टेटिस्टिक्स डे यानी राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस सामाजिक और आर्थिक नियोजन, नीति को तैयार करने में सांख्यिकी के महत्त्व को लेकर जागरुकता पैदा करने के लिए मनाया जाता है। ये दिन भारतीय सांख्यिकी के जनक प्रो प्रशांत चंद्र महालनोबिस की जयंती पर मनाया जाता है। भारत के प्रख्यात सांख्यिकीविद दिवंगत प्रशांत चंद्र महालनोबिस का जन्म 29 जून 1893 को कोलकाता में हुआ था। साल 2021 में प्रोफेसर प्रशांत चंद्र महालनोबिस की 128वीं जयंती है। प्रो प्रशांत चंद्र महालनोबिस भारतीय सांख्यिकी विज्ञान के के संस्थापक थे। उन्होंने 1931 में भारतीय सांख्यिकी विज्ञान की स्थापना की थी।
भारत सरकार ने राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस मनाने की घोषणा साल 2006 में की थी। सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम का उद्देश्य हमारे दैनिक जीवन में सांख्यिकी के उपयोग को लोकप्रिय बनाना और राष्ट्रीय आर्थिक नीतियां बनाना हैं। इस दिन को 29 जून को मनाने का फैसला भारतीय सांख्यिकी के जनक कहे जाने वाले प्रोफेसर प्रशांत चंद्र महालनोबिस के सम्मान में किया गया था।

प्रशांत चंद्र महालनोबिस भारत के पहले योजना आयोग के सदस्य रह चुके हैं। प्रशांत चंद्र महालनोबिस ने सस स्टडी में जनगणना के लिए काम आने वाले ”महालनोबिस मॉडल” का भी अविष्कार किया था। 17 दिसंबर 1931 को प्रो.प्रशांत चंद्र महालनोबिस ने कोलकाता में भारतीय सांख्यिकी संस्थान की स्थापना की थी। वहीं 28 अप्रैल 1932 को अधिकारिक तौर पर इसका पंजीकरण करवाया गया था। प्रो.प्रशांत चंद्र महालनोबिस को भारतीय सांख्यिकी संस्थान की स्थापना करने में निखिल रंजन सेन, प्रमथ नाथ बनर्जी और आर एन मुखर्जी ने सहयोग किया था। कोलकाता के बाद इस सांख्यिकी संस्थान की शाखाएं दिल्ली, पुणे, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोयंबटूर, चेन्नई समेत भारत के 10 स्थानों पर खोला गया।

प्रो. प्रशांत चंद्र महालनोबिस ने कोलकाता के प्रेसीडेंसी कॉलेज में पढ़ाया भी करते थे। प्रो.प्रशांत चंद्र महालनोबिस को उनके सर्वेक्षण करने के योगदान के लिए भी याद किया जाता है। प्रशांत चंद्र महालनोबिस ने पायलट सर्वेक्षण की अवधारणा की पेशकश की थी। उन्होंने ने ही सर्वे से पहले सैंपल लेने की व्यवस्था के बारे में लोगों को अवगत कराया था। जिसके आधार पर आज बड़ी नीतियां और योजनाएं बनाई जाती हैं। प्रशांत चंद्र महालनोबिस ने संख्यिकीय नमूनाकरण का इस्तेमाल कर फसल पैदावार के आकलन की विधि के बारे में भी बताया था।

1955-1967 तक भारतीय योजना आयोग के सदस्य रह चुके हैं प्रो. महालनोबिस
प्रोफेसर महालनोबिस ने इसके अलावा ‘फ्रैक्टाइल ग्राफिकल एनालिसिस’ नामक एक सांख्यिकीय पद्धति का भी आविष्कार किया था। प्रोफेसर महालनोबिस 1955 से 1967 तक भारतीय योजना आयोग के सदस्य रह चुके थे। उन्होंने भारत की औद्योगीकरण योजनाओं को डिजाइन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रोफेसर महालनोबिस को पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया गया था। महालनोबिस का निधन 28 जून 1972 को हुआ।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

इस खास राखी से चमक सकती है आपके भाई की किस्मत Raksha bandhan 2022 Raksha Bandhan 2022 : भूल जाएं भद्रा को, इस शुभ मुहूर्त में बंधवाएं राखी Daily Horoscope August 11, 2022 : Thursday Aries, Taurus and other zodiac signs Aaj ka Rashifal | दैनिक राशिफल 11 अगस्त 2022 | दिन गुरुवार