मानसून आते ही छाया टाइगर मच्‍छर का खौफ, डेंगू और कोरोना के एक जैसे लक्षण

नई दिल्ली:

पूरा देश पिछले करीब डेढ़ साल से कोरोनावायरस से लड़ रहा है। फिलहाल कोरोना के केसेस में कुछ कमी जरूर देखने को मिली है लेकिन मानसून के आते ही डेंगू के केस बढ़ने लगे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर मौजूद आंकड़ों के अनुसार 31 मई 2021 तक देशभर में डेंगू के कुल 6837 मामले सामने आ चुके हैं। मौसमी बीमारियों जैसे कि डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया इन सब के लक्षण काफी हद तक कोरोना वायरस के लक्षणों से मेल खाते हैं, ऐसे में यह पहचान करना बहुत जरूरी हो जाता है कि मरीज को कोरोना हुआ है या मौसमी बीमारी।

सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार​डेंगू किसी भी एज गुप के व्यक्ति को हो सकता है। वहीं कोरोना भी हर उम्र के लोगों को अपना शिकार बना रहा है। दोनों ही बीमारियों में ज्यादा दिक्कत ऐसे व्यसकों को आ रही है जिन्हें डायबिटीज है या हृदय रोग है। अगर माइल्ड लक्षण हों तो दोनों ही बीमारियों में घर रह कर देखभाल करने और समय पर दवा देने से करीब एक सप्ताह में सेहत में सुधार देखा जा सकता है। हालांकि दोनों ही बीमारियों के गंभीर लक्षणों में मौत तक हो सकती है।
डेंगू के मच्छर को टाइगर मच्छर भी कहा जाता है, यह दिन में काटता है, जबकि मलेरिया का मच्छर रात में काटता है।

डेंगू के लक्षण
डेंगू किसी भी 4 डेंगू वायरस से हो सकता है। यह आमतौर पर इंफेक्टिड एडेस स्पीशिस मच्छर के काटने से फैलता है। इसके लक्षण हैं-

कोरोना वायरस के लक्षण
– बुखार आना
– खांसी
– सांस लेने में तकलीफ होना
– थकान होना
– बदन दर्द
– सिर दर्द
– स्वाद व सूंघने की क्षमता खत्म होना
– गले में दर्द
– नाक बंद या बहती नाक
– जी मचलाना व उलटी आना
– दस्त होना

डेंगू से ऐसे करें बचाव
सरकार की ओर से जारी गाइडलाइंस के अनुसार डेंगू से बचने के लिए दिन में भी पूरी बांह के कपड़े पहन कर रखें, ताकि आपको मच्छर न काट सके। अपने आस पास गमलों, कूलर आदि में पानी एकत्रित न होने दें। इस पानी में मच्छर पनप सकते हैं। अपने आस पास सफाई रखें। घर के कोनों में मच्छर मारने वाला स्प्रे करें और घर में मच्छर आने से रोकें। अगर फिर भी तबीयत खराब लगे तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं और टेस्ट करवाएं।

कैसे पहचानें डेंगू है या कोरोना
वैसे तो कोरोना और डेंगू दोनों के ही लक्षण करीब करीब एक जैसे हैं, लेकिन फिर भी यह पहचान करना जरूरी है कि मरीज को डेंगू हुआ है या कोरोना। अगर किसी व्यक्ति को लक्षण दिख रहे हैं तो उसे डॉक्टर की सलाह से कोरोना व डेंगू के लिए अलग अलग टेस्ट करवाने चाहिए, ताकि प​ता लगाया जा सके कि मरीज को कोरोना हुआ है या डेंगू और फिर उसी अनुसार इलाज शुरू किया जा सके।