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World Ocean Day 2021: क्यों मनाया जाता है कि विश्व महासागर दिवस, जानें क्या है इतिहास और थीम

नई दिल्ली: दुनियाभर में आज यानी 08 जून को विश्व महासागर दिवस मनाया जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र और अंतर्राष्ट्रीय कानून द्वारा हर साल 08 जून को विश्व महासागर दिवस मनाया जाता है। जैसा कि हम सब जानते हैं कि पृथ्वी की सतह का लगभग 70 फीसदी हिस्से पर महासागर है। विश्व महासागर दिवस मनाने के पीछे का उद्देश्य मानव जीवन में समुद्र से होने वाले लाभों के बारे में जागरूकता पैदा करना है। महासागरों की भूमिका हमारे जीवन में बहुत ज्यादा है। महासागरीय धाराएं हमें 50 प्रतिशत ऑक्सीजन प्रदान करके ग्रह को गर्म रखता है। महासागर के खारे पानी में पौधों, जानवरों और अन्य विशाल जीव भी रहते हैं। समुद्र से हमें अलग-अलग तरह की जीवन रक्षक और कैंसर रोधी दवाएं मिलती हैं। 8 जून मंगलवार को विश्व महासागर दिवस के अवसर पर, संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने महासागरों को बचाने के लिए स्थायी प्रयासों और प्लास्टिक प्रदूषण को रोकने का आह्वान किया है।

संयुक्त राष्ट्र ने कहा, “8 जून को विश्व महासागर दिवस है। स्थानीय, टिकाऊ मछली खाने से लेकर प्लास्टिक प्रदूषण को रोकने तक, हम सभी को महासागर को बचाने में भूमिका निभानी है।” पिछले साल दुनिया में फैले कोरोना वायरस महामारी के कारण संयुक्त राष्ट्र विश्व महासागर दिवस के पूरी तरह से आभासी उत्सव का यह दूसरा वर्ष है। यूएन ने लोगों से एक लिंक के जरिए वर्चुअल इवेंट में शामिल होने को कहा है।

बता दें कि आज 90 प्रतिशत से ज्यादा मछलियों की आबादी के विलुप्त होने के कहार पर है। वहीं 50 फीसदी प्रवाल शैल-श्रेणी खत्म हो रहे हैं। ऐसे में हम सब को समुद्र का दोहन रोकना होगा। महासागर की रक्षा और संरक्षण के लिए हमें एक नया संतुलन बना कर रखना है। यूएन का कहना है कि आज हम सभी विश्वभर के सरकारों को समुद्र के साथ एक ऐसा संबंध बनाने की जरूरत है, जो महासागर और उसके अंदर के जीवन के लिए उपयोगी हो।

इस वर्ष के विश्व महासागर दिवस की थीम ‘द ओशन: लाइफ एंड लाइवलीहुड’ है। यह सतत विकास के लिए महासागर विज्ञान के संयुक्त राष्ट्र दशक की अगुवाई में विशेष रूप से प्रासंगिक है, जो 2021 से 2030 तक चलेगा। इसका मुख्य फोकस समुद्र के जीवन और आजीविका पर होगा। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, इस थीम का उद्देश्य वैज्ञानिक अनुसंधान और नवीन तकनीकों को विकसित करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करना है। जो समुद्र विज्ञान को आधुनिक समाज की जरूरतों के साथ जोड़ने में सक्षम हैं। महासागर को पृथ्वी की अधिकांश जैव विविधता का घर माना जाता है। महासागर हमारी अर्थव्यवस्था की कुंजी है। यह दुनिय भर के अरबों से अधिक लोगों के लिए प्रोटीन का मुख्य स्रोत प्रदान करता है। 2030 तक समुद्र आधारित उद्योगों द्वारा लगभग 40 मिलियन लोगों को रोजगार दिया जा रहा है।

महासागर दिवस पहली बार 8 जून 1992 को रियो डी जनेरियो में ग्लोबल फोरम में प्रस्तावित किया गया था, जो पर्यावरण और विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (UNCED) में एक समानांतर कार्यक्रम था। हालांकि 2008 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने संकल्प लिया कि 8 जून को संयुक्त राष्ट्र द्वारा “विश्व महासागर दिवस” ​​के रूप में नामित किया जाएगा। पहला विश्व महासागर दिवस वर्ष 2009 में ‘हमारे महासागर, हमारी जिम्मेदारी’ विषय के साथ मनाया गया था। संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि महासागरों को ग्रह का फेफड़ा माना जाता है, जो जीवमंडल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और भोजन और दवा का एक प्रमुख स्रोत है। दिन का उद्देश्य महासागरों पर मानवीय कार्यों के प्रभाव के बारे में जनता को सूचित करना और शिक्षित करना, नागरिकों के एक विश्वव्यापी आंदोलन को विकसित करना और दुनिया के महासागरों के स्थायी प्रबंधन के लिए एक परियोजना पर दुनिया की आबादी को एकजुट करना है।

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