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पश्चिम बंगाल में ‘बड़ा खेल’ भाजपा के दो विधायकों ने इस्तीफा दिया, संख्या घटकर हुई 75

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के 10 दिन बाद भी सियासी संग्राम थमता हुआ नजर नहीं आ रहा है। चुनाव के बाद पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में हुई हिंसा को लेकर भाजपा जहां सत्तारूढ टीएमसी के ऊपर हमलावर है, वहीं ममता सरकार इसे एक साजिश बता रही है। हिंसा की घटनाओं को लेकर शपथ ग्रहण समारोह में भी सीएम ममता बनर्जी और राज्यपाल के बीच आरोप-प्रत्यारोप होते हुए नजर आए। इस बीच एक बड़ी खबर यह है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा के दो विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है, जिसके बाद विधानसभा में पार्टी के सदस्यों की संख्या 77 से घटकर 75 हो गई है।
भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीते निसिथ प्रमाणिक और जगन्नाथ सरकार ने बुधवार को अपनी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। दरअसल, पश्चिम बंगाल के चुनाव में भाजपा ने अपने पांच सांसदों को भी विधानसभा का टिकट देकर मैदान में उतारा था। इनमें से भाजपा सांसद निसिथ प्रमाणिक और जगन्नाथ सरकार ने विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की। हालांकि जीत के बाद बुधवार को पार्टी आलाककमान के निर्देश पर निसिथ प्रमाणिक और जगन्नाथ सरकार ने अपना इस्तीफा स्पीकर को सौंप दिया।
इस्तीफे को लेकर टीएमसी ने क्या कहा वहीं, निसिथ प्रमाणिक और जगन्नाथ सरकार के इस्तीफे को लेकर टीएमसी ने भाजपा पर निशाना साधा है। टीएमसी ने इस मामले पर कहा कि भाजपा लोकसभा में अपने आप को सुरक्षित रखना चाहती है, इसलिए अपने सदस्यों से इस्तीफे दिलवाए हैं। इसके साथ ही राज्य में भाजपा विधायकों को केंद्रीय सुरक्षा दिए जाने के मामले पर टीएमसी ने कहा कि यह जनता के टैक्स के पैसे का दुरुपयोग है।
आपको बता दें कि निसिथ प्रमाणिक और जगन्नाथ सरकार सहित कुल पांच सांसदों को भाजपा ने विधानसभा का टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा था। भाजपा नेतृत्व को उम्मीद थी कि पश्चिम बंगाल में अगर पार्टी की सरकार बनी तो ये सांसद उसमें अहम भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि चुनाव में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद पार्टी ने तय किया कि दोनों सांसदों को विधानसभा से इस्तीफा दिलवाया जाएगा।
पश्चिम बंगाल की रानाघाट लोकसभा सीट से सांसद जगन्नाथ सरकार ने इस्तीफा देने के बाद बताया, ‘विधानसभा चुनाव के नतीजे पार्टी की उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे। अगर राज्य में भाजपा की सरकार बनती तो हमारी भूमिक कुछ अलग होती। अब जब ऐसा नहीं हुआ तो पार्टी ने निर्देश दिया कि हम लोगों को संसद के सदस्य के तौर पर ही अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। इसीलिए, हमने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया है।’ जगन्नाथ सरकार ने पश्चिम बंगाल के नादिया जिले की शांतिपुर सीट से विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी।
गौरतलब है कि 2 मई को घोषित हुए पश्चिम बंगाल के चुनाव नतीजों में टीएमसी ने 213 सीटों पर धमाकेदार जीत हासिल कर एक बार फिर से सरकार बनाई है। वहीं, भाजपा के खाते में केवल 77 सीटें गईं। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद राज्य के कई इलाकों से हिंसा की खबरें आईं, जिसके बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हालात का जायजा लेने के लिए एक टीम को पश्चिम बंगाल भेजा। इसके अलावा गृह मंत्रालय ने भाजपा के सभी नवनिर्वाचित विधायकों को केंद्रीय सुरक्षा भी प्रदान की है।

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