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कोरोना वैक्सीन की अगले दो महीने में नहीं रहेगी कमी, एम्स डायरेक्टर ने बताया कैसे दूर होगी किल्लत

नई दिल्ली: देश में एक तरफ कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ा रहा है तो वहीं कोरोना वैक्सीन की कमी भी लगातार बनी हुई है। लोगों को टीका नहीं मिल पा रहा है लेकिन उम्मीद है कि अगले दो महीने में देश में वैक्सीन की कमी नहीं रहेगी। एम्स के डायरेक्टर डॉ.रणदीप गुलेरिया ने शनिवार को कहा है कि दो महीने में बड़ी संख्या में वैक्सीन उपलब्ध होगी क्योंकि वैक्सीन उत्पादक कंपनियां अपने उत्पादन प्लांट खोलना शुरू कर देंगी और बाहर से भी हमें वैक्सीन मिलेगी।

मेदांता अस्पताल के चेयरमैन डॉ. नरेश त्रेहन ने डॉ गुलेरिया के साथ कोरोना संक्रमण और वैक्सीन को लेकर चर्चा की है। इस चर्चा में गुलेरिया ने कहा, जो कंपनियां वैक्‍सीन बना रही हैं, वे और मैनुफैक्‍चरिंग प्‍लांट खोलना शुरू करेंगी तो और डोज उपलब्‍ध होंगी। कोविशील्‍ड, कोवैक्‍सीन और स्‍पूतनिक के भारत में और मैनुफैक्‍चरिंग प्‍लांट बढ़ाए जा रहे हैं।

एम्‍स डायरेक्‍टर गुलेरिया ने कहा कि स्‍पूतनिक ने भारत में उत्‍पादन के लिए कई कंपनियों से टाईअप किया है। भारत बायोटेक और सीरम इंस्टिट्यूट भी नए प्‍लांट सेटअप कर रहे हैं। जुलाई-अगस्‍त तक हमारे पास बड़ी संख्‍या में डोज उपलब्‍ध हो जाएंगी। डॉ गुलेरिया ने कहा कि हम एक-दो दिन या महीने भर में सबको वैक्‍सीनेट नहीं कर पाएंगे। ऐसी स्थिति में हम इस तरह से अपॉइंटमेंट देने की रणनीति बनानी चाहिए हमें अपनी आबादी को चरणबद्ध तरीके से वैक्‍सीनेट करने की तरफ देखना होगा।

डॉ. नरेश त्रेहन ने वैक्सीन को लेकर कहा कि आज वैक्सीन के लिए पैनिक करना उचित नहीं है। मेरा विचार है कि जहां कोरोना के हॉटस्पॉट हैं वहां 6 हफ़्ते में वैक्सीन लगनी चाहिए लेकिन जहां केस कम हो रहे है वहां डोज के बीच का समय बढ़ाया जा सकता है। डॉ त्रेहन ने काह कहा कि भारत के पास वो इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर मौजूद है कि अगर डोज उपलब्‍ध हों तो वह जल्‍द से जल्‍द सबको टीका लगा सकता है।

नरेश त्रेहन ने कहा कि कोरोना से बचने के लिएहमें पर्सनल लॉकडाउन में जाना है। कोरोना के लक्षण दिखाई दें तो फोरन खुद को आइसोलेट कर लें। ताकि बाकी लोगों को वायरस से बचाया जा सके। अगर कोविड के प्रति सावधानियां रखेंगे तो वैसे ही संक्रमण की चेन टूट जाएगी।

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