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पाकिस्तान का बहुत बड़ा U-Turn, अमेरिका को सैन्य अड्डा देने के लिए तैयार!

वॉशिंगटन/इस्लामाबाद: सैन्य अड्डा बनाने के नाम पर पाकिस्तान और अमेरिका के बीच रार काफी बढ़ता हुआ नजर आ रहा है और पाकिस्तानी मीडिया का कहना है कि पाकिस्तान दो शक्तियों, अमेरिका और चीन के बीच में फंस गया है। पाकिस्तानी अखबार द डॉन के मुताबिक पाकिस्तान और अमेरिका के बीच सैन्य अड्डा को लेकर गतिरोध काफी ज्यादा बढ़ गया है। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान सैन्य अड्डा देने के नाम पर ना-नुकूर कर रहा है, जो अमेरिका को नागवार गुजर रहा है। रिपोर्ट आई है कि पाकिस्तान इनकार तो भले ही कर रहा है, लेकिन उसने सैन्य अड्डा देने के लिए अमेरिका के सामने कुछ शर्तें रख दी हैं और माना जा रहा है कि पाकिस्तान सैन्य अड्डा देने के लिए बहुत जल्द तैयार होने वाला है।

द डॉन के मुताबिक अमेरिका लगातार पाकिस्तान पर सैन्य अड्डा देने के लिए पाकिस्तान पर दवाब बना रहा है। अमेरिका पाकिस्तान में सैन्य अड्डा चाहता है, ताकि वो पाकिस्तान से अफगानिस्तान पर नजर रख सके, लेकिन पाकिस्तान अमेरिका को इस बार सैन्य अड्डा नहीं देना चाहता है। ऐसे में एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा है कि दोनों देशों के बीच काफी गतिरोध पैदा हो गया है। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक अमेरिका-पाकिस्तान के बीच विवाद काफी बढ़ गया है। दरअसल, अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए पाकिस्तान में स्थिति यूएस सैन्य बेस से लगातार ड्रोन हमले करता था, जिसके बाद 2011 में पाकिस्तान ने सैन्य अड्डा खाली करने के लिए कह दिया। लेकिन, अब जबकि अफगानिस्तान से अमेरिकी फौज निकल रही है, ऐसे में अमेरिका फिर से पाकिस्तान में सैन्य अड्डा बनाना चाहता है, लेकिन पाकिस्तान इस बार सैन्य अड्डा देने से मना कर रहा है।

न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक सैन्य अड्डा को लेकर पाकिस्तान और अमेरिकी अधिकारियों के बीच कई बार बातचीत हुई है लेकिन बातचीत अब टकराव की स्थिति तक पहुंच चुका है। कुछ अमेरिकी अधिकारियों ने न्यूयॉर्क टाइम्स से कहा है कि पाकिस्तान और अमेरिका में काफी गतिरोध बना हुआ है तो कुछ सीआई अधिकारियों को अभी भी उम्मीद है कि पाकिस्तान अपना सैन्य अड्डा अमेरिकियों के हवाले कर देगा। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक सीआईए डायरेक्टर विलियम जे बर्न्स ने कुछ दिन पहले अन-आधिकारिक पाकिस्तान का दौरा किया था, जिसमें उन्होंने पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल बाजवा और आईएसआई चीफ से मुलाकात की थी। इसके साथ ही अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने भी पाकिस्तानी सेना के प्रमुख से मुलाकात की थी और इस दौरान दोनों देशों के बीच अफगानिस्तान में शांति के साथ साथ सैन्य अड्डा को लेकर भी बात की गई है।

न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक पाकिस्तान ने सैन्य अड्डा देने को लेकर अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं लेकिन पाकिस्तान की तरफ से ये भी कहा गया है कि अगर वो अमेरिका को सैन्य अड्डा देता है, तो अमेरिका को सुनिश्चित करना पड़ेगा कि पाकिस्तानी सैन्य अड्डे से अमेरिका तालिबान के ऊपर किसी तरह का ना एयरस्ट्राइक करेगा और ना ही ड्रोन हमला करेगा। वहीं, कुछ पाकिस्तानी अधिकारियों ने कहा है कि पाकिस्तान अमेरिका को सैन्य अड्डा देना चाहता है, लेकिन उसके लिए पाकिस्तान चाहता है कि अमेरिकी सैन्य अड्डे दायरे में रहकर ही काम करे। हालांकि, रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि पाकिस्तान के अंदर अमेरिका को सैन्य अड्डा देने को लेकर काफी ज्यादा गुस्सा फैला हुआ है और पाकिस्तानी नहीं चाहते हैं कि पाकिस्तान के अंदर अमेरिका को सैन्य अड्डा मिले। अमेरिकी अखबार ने अपनी रिपोर्ट में पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के उस बयान का भी जिक्र किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका को पाकिस्तान सैन्य अड्डा नहीं देगा।

अमेरिकन अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि पाकिस्तानी अधिकारी शर्तो के साथ अमेरिका को सैन्य अड्डा देना चाहते हैं। जिसमें पाकिस्तान ने शत्तें रखी हैं कि ‘अगर पाकिस्तान सैन्य अड्डा देता है तो अमेरिका को कुछ शर्तों को मानना होगा, जिसमें सबसे बड़ा शर्त ये है कि पाकिस्तान से तालिबान के ऊपर अमेरिका कोई हमला या एयरस्ट्राइक नहीं करेगा।’ ऐसे में अखबार का मानना है कि देर से ही सही पाकिस्तान अमेरिका को सैन्य अड्डा दे देगा। आपको बता दें कि पिछली बार पाकिस्तान ने शम्सी एयरबेस अमेरिका को दिया था, जहां से अमेरिका लगातार पाकिस्तान और अफगानिस्तान के ऊपर ड्रोन हमले करता था। अमेरिका ने एक बार ड्रोन हमला करके पाकिस्तान के 30 जवानों को उड़ा दिया था। लेकिन, पाकिस्तान को बदले में अमेरिका से इतना पैसा मिलता था कि ड्रोन हमलों के खिलाफ पाकिस्तान कुछ नहीं बोलता था।

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