वित्त वर्ष 2021-22 के लिए GDP ग्रोथ 9.5 प्रतिशत रहने का अनुमान: RBI

वित्त वर्ष 2021-22 के लिए GDP ग्रोथ 9.5 प्रतिशत रहने का अनुमान: RBI

नई दिल्ली: पूरा देश कोरोना महामारी की चपेट में है, जिसका अर्थव्यवस्था पर बहुत ज्यादा बुरा असर पड़ रहा है। ऐसे में शुक्रवार को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मौद्रिक समीक्षा का ऐलान किया। जिसमें केंद्रीय बैंक ने चालू वित्त वर्ष यानी 2021-22 के लिए अपनी जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 9.5 प्रतिशत कर दिया है, जबकि पहले इसको 10.5 प्रतिशत माना गया था। इसके अलावा आरबीआई ने खुदरा महंगाई दर 5.1 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है।

मीडिया से बात करते हुए आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने अर्थव्यवस्था का एक सामान्य दृष्टिकोण दिया और दूसरी लहर के मद्देनजर अतिरिक्त तरलता उपायों के साथ विकास का समर्थन करने की आवश्यकता के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि संपर्क-गहन क्षेत्रों पर महामारी की दूसरी लहर के प्रतिकूल प्रभाव को कम करने के लिए, रेपो दर पर तीन साल तक के कार्यकाल के साथ, 31 मार्च, 2022 तक 15,000 करोड़ रुपये की एक अलग तरलता विंडो खोली जा रही है। इस योजना के तहत, बैंक, होटल, रेस्टोरेंट, पर्यटन, ट्रैवल ऑपरेटरों, विमानन और सहायक सेवाओं, बस ऑपरेटरों आदि को नए सिरे से ऋण सहायता प्रदान की जा सकती है। साथ ही इस तरह की अन्य उधार गतिविधियों के लिए बैंकों को प्रोत्साहित किया जाएगा।

दास ने आगे कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) की उधार आवश्यकता को और समर्थन देने के लिए 16 हजार करोड़ की एक अन्य विशेष तरलता विंडो के विस्तार का निर्णय लिया गया है। वहीं दूसरी ओर आरबीआई ने अपनी मौद्रिक नीति समिति में सर्वसम्मति से रेपो रेट को 4 प्रतिशत पर बनाए रखा। जिससे प्रमुख ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा।

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