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युद्ध के हालात: खूनी संघर्ष में, बम-धमाकों में मर रहे निर्दोष लोग

अंकारा: इजरायल और फिलिस्तीन के बीच कई हफ्तों से जारी तनातनी अब जंग का रूप लेती जा रही है। दोनों देशों के बीच छिड़े युद्ध के बीच गाजा में मौत का आंकड़ा 65 के करीब पहुंच गया है। ऐसे में जिस तरह से तुर्की और रूस इस मुद्दे का देख रहे हैं, उससे ये आशंका उत्पन्न होती साफ दिखाई दे रही है कि ये संघर्ष सिर्फ दो देशों तक सीमित होकर नहीं रहेगा।
सूत्रों से सामने आई एक रिपोर्ट में बताया गया कि गाजा पट्टी पर भारी बमबारी जारी रही, जिसमें इजरायल के हवाई हमले में हमास गाजा के सिटी कमांडर बसीम इस्सा की मौत हो गई है। इस बारे में गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, गाजा में 16 बच्चों और पांच महिलाओं समेत मरने वालों की संख्या बढ़कर 65 के करीब पहुंच गई। जिसमें 86 बच्चों और 39 महिलाओं सहित कम से कम 365 लोग घायल हुए हैं।

जारी संघर्ष के चलते तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत की है। जिसमें एर्दोगन ने पुतिन से कहा है कि फिलिस्तीन के प्रति इजरायल ने जो रवैया अख्तियार किया है, उसके लिए उसे कड़ा सबक सिखाये जाने की जरूरत है।
तुर्की राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन से कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इजरायल को कड़ा और कुछ अलग सबक सिखाना चाहिए। तुर्की के राष्ट्रपति संचार निदेशालय के अनुसार, दोनों देशों के नेताओं ने बुधवार को टेलीफोन पर यरूशलम के विवादित क्षेत्र को लेकर चर्चा की।
इसी दौरान राष्ट्रपति एर्दोगन ने कहा, ‘अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इजराइल को कड़ा और अलग सबक सिखाना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को त्वरित हस्तक्षेप करना चाहिए ताकि इजराइल को स्पष्ट संदेश दिया जा सके’।
ऐसे में तुर्की द्वारा जारी बयान में कहा गया कि राष्ट्रपति एर्दोगन ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन को सुझाव दिया कि फिलिस्तीनियों की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल पर विचार किया जाना चाहिए।

जारी जंग को लेकर इजराइल के रक्षा मंत्री बेनी गैंट्स ने बुधवार शाम को कहा कि हमारी सेना गाजा पट्टी और फिलिस्तीन पर अब हमले बंद नहीं करेगी। हमारी सेना अब तब तक नहीं रुकेगी, जब तक दुश्‍मन को पूरी तरह से शांत नहीं कर दिया जाता। दुश्‍मन के पूरी तरह से खत्‍म होने के बाद ही अमन बहाली पर कोई बात की जाएगी। साथ ही रक्षामंत्री ने अपने बयान में बताया कि हमने हमास के 6 कमांडर मार गिराए हैं और बड़ी संख्‍या में वहां की बिल्डिंग्स, फैक्ट्रीज और सुरंगे जमींदोज की जा चुकी हैं। वहीं इजराइली सेना के प्रवक्ता की तरफ से कहा गया है कि यह तय मानिए कि हमारे मिलिट्री अफसर और जवान अब किसी सीजफायर के पक्ष में नहीं हैं। उन्‍होंने कहा कि फिलिस्‍तीन ने जिस तरह के हालात पैदा किए हैं उसे देखने के बाद अब हमें लंबे वक्त के लिए हल खोजना ही होगा। हालातों को देखते हुए इजरायल और फिलिस्तीन के बीच जारी खूनी संघर्ष के चलते प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने लॉड शहर में आपातकाल की घोषणा की है। मौजूदा स्थितियों को देखते हुए सरकार ने ये फैसला लिया है।

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