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गर्भावस्‍था में काले जामुन खाने से बच्चे का रंग होता है काला? जानें क्या है सच

नई दिल्ली: प्रेग्नंसी के दौरान महिलाओं को अपनी सेहत के साथ साथ बच्चे की सेहत का भी ध्यान रखना होता है। प्रेग्नेंसी के समय गर्भवती महिलाओं को काफी नुस्खे और सलाह के बारे में बताया जा है, प्रेग्नेंसी के दौरान क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए। लोगों द्वारा बताएं गए नुस्खे बहुत काम के होते है, वहीं कई सलाह और नुस्खे अंधविश्वास और सुनी सुनाई बातें है। प्रेग्नेंसी के दौरान गर्भवती महिला को गोरा और खूबसूरत बच्चा पैदा करने के लिए कई नुस्खे के बारे में बताया जाता है। कहा जाता है कि काले जामुन खाने से बच्चे का रंग काला होता है। चलिए जानते हैं क्या जामुन खान से बच्चे का रंग हो सकता है काला।

कहा जाता है कि जामुन खाने से गर्भ में पल रहे बच्चे का रंग काला हो जाता है। लेकिन ये केवल एक मिथ है। डॉक्टर का कहना है कि किसी भी फल के सेवन से बच्चे का रंग नहीं बदलता है। काले जामुन खाने से बच्चे रंग में कोई भी बदलाव नहीं होता है यह केवल एक मिथ है। बच्चे का रंग माता- पिता के रंग पर निर्भर करता है। प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाएं जिसका भी सेवन करती है उसका असर बच्चे पर पड़ता है ऐसे में आप हेल्दी और अच्छी चीजों का सेवन करें जिससे बच्चे को कोई भी नुकसान ना हो।

प्रेग्नेंसी जामुन खान के फायदे
जामुन में कई विटामिन एंजाइम पाए जाते है जो कि दिल की सेहत के लिए बहुत ही जरुरी होता है। जामुन खाने से मां के साथ साथ बच्चे का भी दिल स्वस्थ रहता है। जामुन बच्चे की हड्डियां मजबूत करने में मदद करता है। गर्भवती महिलाओं को जामुन का सेवन करना चाहिए, इससे गर्भ में पल रहे बच्चे की हड्डियां मजबूत रहती है। गर्भावस्था के दौरान जामुन का सेवन करने से मां और बच्चे दोनों की आखों की रोशनी सही तरीके से काम करती है। प्रेग्नेंसी के दौरान किसी भी चीज का सेवन अधिक नहीं करना चाहिए। प्रेग्नेंसी के दौरान एक से दो कटोरी जामुन का ही सेवन करना चाहिए। ज्यादा मात्रा में जामुन का सेवन नहीं करना चाहिए।

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