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ऑपरेशन ब्लू स्टार की 37वीं बरसी, अमृतसर में जबरदस्त सुरक्षा

नई दिल्ली: ऑपरेशन ब्लूस्टार की आज 37वीं बरसी हैं, कई सिख संगठनों ने इस मौके पर कार्यक्रम के आयोजन का फैसला लिया है। बता दें कि आज के ही दिन 1984 को सेना ने स्वर्ण मंदिर के भीतर ऑपरेशन ब्लू स्टार को अंजाम दिया था। सिख संगठनों के प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए पंजाब सरकार ने प्रदेशभर में सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ा दिया है। खासकर अमृतसर की सुरक्षा को काफी बढ़ा दिया गया है जहां स्वर्ण मंदिर है। अमृतसर के पुलिस कमिश्नर ने कहा कि वह 6000 से अधिक पुलिसकर्मियों को शहरभर में नजर रखने के लिए तैनात करेंगे। इसके साथ ही पुलिस ने गुरुवार को हॉल गेट से हेरिटेज स्ट्रीट तक फ्लैग मार्च भी किया था।

शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी जोकि सिखों की सबसे बड़ी कमेटी है ने पिछले हफ्ते कहा था कि ऑपरेशन ब्लू स्टार के दिन हम पवित्र गुरू ग्रंथ साहिब के स्वरूप को बुलेट लगने को दर्शाएंगे। गुरू ग्रंथ साहिब के स्वरूप को 1984 में ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान गोली लगी थी, जोकि स्वर्ण मंदिर के भीतर ही स्थापित है। प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अक्ष्यक्ष बीबी जागीर कौर ने कहा कि सिख समुदाय 1984 की इस घटना को कभी नहीं भूल सकता है।

ऑपरेशन ब्लूस्टार को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सेना को आदेश दिया था। जो सिख आतंकी अमृतसर स्थित गोल्डन टेंपल में बने हरमंदिर साहिब कॉम्पलेक्स में छिपे थे उन्हें मारने के लिए प्रधानमंत्री ने इस ऑपरेशन का आदेश दिया था। इस ऑपरेशन को 1 जून से 8 जून के बीच 1984 में अंजाम दिया याथा, जिसमे कई लोगों की जान चली गई थी और पवित्र स्थल को भी काफी नुकसान पहुंचा था। इस घटना के बाद प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को उनके ही सिख बॉडीगार्ड ने मार दिया था, जिसके बाद दंगे भड़क गए थे और तकरीबन 3000 लोगों की इस दंगे में मृत्यु हो गई थी।

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