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तरुण तेजपाल को बरी करने को चुनौती देने वाली गोवा सरकार की अपील पर सुनवाई करेगा बॉम्बे हाईकोर्ट

पणजी: बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा पीठ बुधवार को तहलका मैग्जीन के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को बलात्कार के एक मामले में बरी किए जाने के खिलाफ गोवा सरकार की याचिका पर सुनवाई करेगा। बता दें कि 21 मई को एक फास्ट-ट्रैक कोर्ट ने तरुण तेजपाल को बलात्कार के आरोपों से मुक्त करते हुए बरी कर दिया था, जिसे गोवा सरकार ने चुनौती दी थी। गोवा सरकार ने निचली अदातल के फैसले को चुनौती देते हुए कहा था कि बचाव पक्ष के वकील द्वारा पेस किये गए सबूतों को निचली अदालत ने न केवल अकाट्य सत्य माना, बल्कि पीड़िता के साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष के गवाओं को भी यह फैसला सुनाते हुए नजरअंदाज कर दिया।

मालूम हो कि तलहका पत्रिका के पूर्व संपादक रहे तरुण तेजपाल पर साल 2013 में फाइव स्टार होटल में पत्रिका के एक इवेंट के दौरान होटल की लिफ्ट में अपनी सहकर्मी से बलात्कार करने का आरोप लगा था।
शिकायतकर्ता के अनुसार, तेजपाल ने 7 नवंबर 2013 को होटल की लिफ्ट के अंदर महिला के साथ बलात्कार किया और अगले दिन फिर से उसके साथ मारपीट करने का प्रयास किया। तरुण तेजपाल ने अदालत में अपने ऊपर लगे सभी आरोपों का खंडन किया, वह 2014 से ही जमानत पर बाहर थे और अंत में उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया गया।

गोवा सरका ने इस मामले में तेजपाल के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में अपील दायर करते हुए कहा कि इस मामले में फिर से सुनवाई होनी चाहिए। सरकार ने इसके पीछे फैसले के बाद पीड़ित को लगने वाले मानसिक आघात और उसके चरित्र पर सवाल उठाने को लेकर अदालत की समझ के अभाव का तर्क दिया है। सरकार ने कहा कि अदालत ने इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य (माफी वाले ई-मेल) को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया, जिसमें आरोपी का दोष साफ तौर पर जाहिर होता है। इसलिए मामले पर फिर से सुनवाई होनी चाहिये।

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