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अमीर देशों के रवैये से WHO खफा, कहा-बच्चों का वैक्सीनेशन रोक गरीब देशों को डोनेट करें टीका

नई दिल्ली: विश्व स्वास्थ्य संगठन ने गरीब देशों में वैक्सीनेशन की धीमी रफ्तार पर गंभीर चिंता जताई है। संगठन ने कहा है कि अमीर देशों को फिलहाल अपने देश में बच्चों का वैक्सीनेशन रोक देना चाहिए। उन्हें टीका गरीब देशों को डोनेट कर उनकी मदद करनी चाहिए। डब्ल्यूएचओ के डायरेक्टर जनरल टेड्रोस एडेनहोम घेब्रिसियस ने कहा कि पहले साल के मुकाबले दूसरे साल में कोरोना महामारी ज्यादा घातक रूप में सामने आई है और इससे काफी संख्या में लोगों की मौत हो रही है।

डब्ल्यूएचओ ने भारत की स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा कि कई दिनों से देश में रोजाना तीन लाख से ज्यादा मामले दर्ज किए जा रहे हैं और 4000 से ज्यादा लोगों की मौत हो रही है। उन्होंने भारत में कोरोना की स्थिति को चिंताजनक बताते हुए कहा की हम भारत में कोरोना की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं।

उन्होंने कहा कि अमीर देशों ने बच्चों और युवाओं का वैक्सीनेशन भी शुरू कर दिया है जबकि हमारी चिंता दुनिया के गरीब देशों को लेकर है। गरीब देशों की स्थिति यह है कि वहां अभी हेल्थ वर्कर्स तक को वैक्सीन नहीं लगाई जा सकी है। कोरोना से निपटने के लिए पूरी दुनिया में वैक्सीनेशन के काम में तेजी लाना जरूरी है।

टेड्रोस ने अमीर देशों के रवैये पर खासी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मैंने जनवरी में ही यह बात साफ कर दी थी कि वैक्सीनेशन शुरू होने के बाद हमें नैतिक पतन भी दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि कुछ देशों के पास वैक्सीन का कोई संकट नहीं है और वे उन लोगों को भी वैक्सीन लगाने में जुटे हुए हैं जिन्हें कोरोना से काफी कम खतरा है। ऐसे में अमीर देशों को अपना रवैया बदलना चाहिए और गरीब देशों की मदद के लिए आगे आना चाहिए।

डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने भारत में कोरोना की स्थिति को चिंताजनक बताते हुए कहा कि अभी भी कई राज्यों में मामले बढ़ रहे हैं और अस्पतालों में मरीजों की भीड़ लगी हुई है। मौतों की संख्या में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। उन्होंने भारत में कोरोना की स्थिति को विस्फोटक बताते हुए कहा कि कई दूसरे देश भी कोरोना की दूसरी लहर से परेशान हैं।

उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया के लिए कोरोना का दूसरा साल पहले साल की अपेक्षा ज्यादा जानलेवा साबित हो रहा है। पिछले साल की अपेक्षा इस बार मौतों की संख्या में भी जबर्दस्त बढ़ोतरी दिख रही है।

उन्होंने पूरी दुनिया में वैक्सीनेशन को एक बड़ी चुनौती बताया और कहा कि महामारी के बढ़ते प्रकोप के बीच जीवन और आजीविका दोनों बचाना जरूरी है। ऐसे में अमीर देशों को गरीब देशों की मदद करने के लिए आगे आना चाहिए ताकि गरीब देशों में भी वैक्सीनेशन की रफ्तार तेज की जा सके।

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