त्रिपुरा हाई कोर्ट ने कहा, राज्य सरकार ने वैक्सीनेशन का गलत आंकड़ा दिखाया, सही डेटा जारी करने का दिया आदेश

त्रिपुरा हाई कोर्ट ने कहा, राज्य सरकार ने वैक्सीनेशन का गलत आंकड़ा दिखाया, सही डेटा जारी करने का दिया आदेश

नई दिल्ली: त्रिपुरा हाई कोर्ट ने कहा है कि राज्य सरकार ने जो कोरोना वायरस वैक्सीनेशन का आंकड़ा दिखाया है, वो गलत है। राज्य सरकार को त्रिपुरा हाई कोर्ट ने जल्द ही सटीक वैक्सीनेशन आंकड़ा जारी करने का निर्देश दिया है। त्रिपुरा सरकार ने दावा किया है कि राज्य में 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 98 प्रतिशत लोगों को वैक्सीनेट कर दिया गया है। उसमें से 80 फीसदी लोगों को कोविड-19 वैक्सीन की पहली डोज दी गई है। त्रिपुरा सरकार के हलफनामे के मुताबिक राज्य में 18 साल से ऊपर के 26.86 लाख और 45 साल से ऊपर के 12.36 लाख लोग हैं।

राज्य सरकार की कोरोना महामारी से निपटने की तैयारियों पर त्रिपुरा हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए सुनवाई की। हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अकील कुरैशी और न्यायमूर्ति सुभाषिश तलापात्रा की की एक खंडपीठ ने शुक्रवार को त्रिपुरा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक डॉ सिद्धार्थ शिब जायसवाल को निर्देश देते हुए कहा कि आपने जो एक हफ्ते पहले टीकाकरण का आंकड़ा दिया था वो गलत था, आप जल्द से जल्द सटीक टीकाकरण आंकड़ों के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कीजिए। Ads by

त्रिपुरा हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, जिस तारीख को त्रिपुरा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक ने ये दावे किए थे, उस दिन कुल 24,26,803 टीके लगाए गए थे, जिनमें से 5,66,458 सेकेंड डोज के थे। इस तरह से टीकाकरण करने वालों की कुल संख्या 18,60,345 थी। इसलिए जो उन्होंने कहा कि 80 फीसदी लोगों को वैक्सीन की डोज लग गई है, वो गलत है।

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