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क्या भारत में मिले कोरोना के वैरिएंट B1.617.2 पर वैक्सीन नहीं दिखा रहा है अपना असर?

नई दिल्ली: भारत में पाए गए B1.617.2 कोरोना वायरस के नए वैरिएंट को लेकर दुनिया भर के कई देश चिंता में हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि ये स्ट्रेन बहुत ही खतरनाक है। भारत के इस कोविड वैरिएंट को लेकर ब्रिटने की सरकार भी चिंतित है। ब्रिटेन में ये वैरिएंट फैल रहा है। ब्रिटेन में कोरोना वैक्सीनेशन कार्यक्रमों को चलाने वाले एक शीर्ष वैज्ञानिक ने दावा किया है कि कोविड-19 रोधी वैक्सीन वायरस के B1.617.2 वैरिएंट पर कम प्रभावी है। B1.617.2 कोरोना के नए वैरिएंट को सबसे पहले भारत में पहचाना गया था। ब्रिटेन के एक्सपर्ट ने दावा किया है कि भारत में मिले कोरोना के वैरिएंट B1.617.2 के ट्रांसमिशन को रोकने में निश्चित रूप से वैक्सीन कम प्रभावी है।

ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और टीकाकरण पर संयुक्त कमेटी के उपाध्यक्ष एंथनी हार्नडेन ने इंग्लैंड में लॉकडाउन में छूट देते हुए लोगों को भारत के वैरिएंट को लेकर सावधान किया है। एंथनी हार्नडेन ने कहा है कि हमें लॉकडाउन में ढील के दौरान भी कोविड-19 नियमों का पालन करना होगा कि अभी ये साफ नहीं हो पाया है कि भारत में पाया गया वैरिएंट कितना संक्रामक है।

ब्रिटेन में हाल ही में एक हफ्ते के अंदर कोरोना के B1.617.2 वैरिएंट की संख्या बढ़कर दोगुनी हो गई थी। ऐसे में यूके के जिन हिस्सों में कोविड का ये वैरिएंट फैल रहा है, वहां टेस्टिंग और वैक्सीनेशन के काम में तेजी लाई गई है। ब्रिटिश स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक B1.617.2 वैरिएंट उत्तर पश्चिमी इंग्लैंड और लंदन में फैलने लगा है।

कोरोना के B1.617.2 वैरिएंट पर ब्रिटने के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा था कि उनकी सरकार फिलहाल उन आंकड़ों का इंतजार कर रही है, जिससे ये पता चल पाएगा कि अन्य वैरिएंट के मुकाबले ये वैरिएंट B1.617.2 ज्यादा फैलने वाला है या नहीं।

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