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चीन की कोरोना वैक्सीन CoronaVac बच्चों के लिए सुरक्षित, 3-17 उम्र वालों पर ट्रायल

नई दिल्ली: कोरोना महामारी की तीसरी संभावित लहर से बच्चों को सबसे ज्यादा खतरा बताया जा रहा है, इस बीच ताजा रिपोर्ट जो सामने आई है उसमे दावा किया गया है कि चीन की वैक्सीन बच्चों पर भी प्रभावी और सुरक्षित है। लैंसेट इंफेक्शन डिजीज के जर्नल के अनुसार 3-17 वर्ष की आयु के बच्चों को चीन की वैक्सीन कोरोना वैक की हायर डोज दी गई जोकि उनपर प्रभावी है। बच्चों को इस वैक्सीन की दो खुराक देने के बाद उनके भीतर 96 फीसदी एंटिबॉडी विकसित हुई। चीन के हेबे प्रोविंसियल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन में 3-17 वर्ष की आयु के स्वस्थ्य बच्चों पर वैक्सीन का क्लीनिकल ट्रायल किया गया। ट्रायल के बाद जो रिजल्ट आया उसके अनुसार यह वैक्सीन बच्चों पर भी प्रभावी है। बच्चो को वैक्सीन की दो डोज 28 दिन के अंतराल पर दी गई थी। लैंसेट जनरल की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बच्चों पर जो सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव इस ट्रालय के दौरान देखने को मिला उसमे हल्का और मॉडरेट बुखार है। अधिकतर बच्चों में इंजेक्शन लगने के बाद इंजेक्शन लगने वाली जगह दर्द की शिकायत की गई। 550 में से 73 बच्चों को इंजेक्शन लगने वाली जगह दर्द की शिकायत की गई। बच्चों के भीतर अलग-अलग तरह की शिकायत 7 दिन के भीतर देखने को मिली, हालांकि 48 घंटों के भीतर सभी बच्चे ठीक हो गए। बहरहाल बच्चों पर तकरीबन एक साल तक नजर रखी जाएगी और वैक्सीन के लंबे समय तक के असर पर स्टडी की जाएगी। Ads by

बता दें कि भारत में सीरम इंस्टिट्यूट भी जल्द ही बच्चों पर वैक्सीन का ट्रायल शुरू करने जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार कोवैक्स टीका का ट्रायल बच्चों पर किया जाएगा। यह 12-17 साल के बच्चों और 2-11 साल के बच्चों पर किया जाएगा। इसमे कुल 920 बच्चे शामिल होंगे। इसके लिए सीरम इंस्टिट्यूट ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया को आवेदन करेगा, जहां उसे जल्द ही अनुमति मिल सकती है। सीरम के सीईओ अदार पूनावाला ने बताया कि डीसीजीआई से अनुमति मिलने के बाद अगले 10 महीनों में 920 बच्चों पर यह ट्रायल किया जाएगा।

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