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दिल्ली के इस बिल्डर ने लिखा 17 पेज का सुसाइड नोट, और पुरी प्रेम कहानी

नई दिल्‍ली: राजधानी दिल्‍ली में सुसाइड की एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां एक बिल्‍डर ने 17 पन्‍नों का सुसाइड नोट और 13 मिनट का वीडियो बनाकर पंखे से लटककर खुदकुशी कर ली। उसने सुसाइड नोट में लिखा है कि इसे खुदकुशी नहीं मर्डर माना जाए। मृतक की पहचान गौरव गोयल (34) के रूप में हुई है। घटना 31 अक्टूबर की शाम की है। सुसाइड नोट व मोबाइल से बनाए गई वीडियो रिकार्डिंग का खुलासा मंगलवार को तब हुआ जब पीड़ित परिजनों ने ये बातें मीडिया से साझा की। पुलिस ने इस संबंध में मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की छानबीन कर रही है। गौरव के पिता गिरीराज गोयल के अनुसार गत 27 अप्रैल 2009 को रितु के साथ गौरव की शादी हुई थी और दोनों हंसी-खुशी रहते थे। दोनों का आठ साल का बेटा विनय है।

गौरव का बिल्डर कॉलोबोरेशन का काम था पिता के मुताबिक, शादी के कुछ वर्षों बाद दोनों के बीच कभी-कभी कहासुनी हो जाती थी, लेकिन पिछले तीन महीनों ( 30 जुलाई 2018) को रितु और गौरव का फिर से झगड़ा हुआ और फिर रितु अपने पति का घर छोड़कर मायके विकासपुरी चली गई। रितु के जाने के बाद से ही गौरव अपने को अकेला महसूस करने लगा। कई बार परिवार के लोगों ने समझौता करने की भी कोशिश की, लेकिन बात नहीं बन पाई। वहीं गौरव रितु को फोन करता तो बात नहीं हो पाती और आठ साल के बेटे विनय को अपने पास रख लिया। पत्नी और बेटे से बिना अकेलापन वह सहन नहीं कर पाया और अपने कमरे में पंखे से लटक कर खुदकुशी कर ली।

नोट में गौरव ने लिखा, मेरे सास-ससुर और उत्तम नगर के डॉन (मेरे साले) ने मुझे टॉर्चर किया। मैं 9 सालों से मैं घुट-घुट कर जी रहा हूं। वे लोग सबके सामने मेरी बेइज्जती करके गए थे, मैं सुसाइड कर रहा हूं। ये मेरा सुसाइड नहीं मर्डर है। इन सब को कठोर से कठोर सजा दी जाए। रितु गोयल तू मेरा प्यार नहीं समझ पाई अपने घर वालों के आगे। तुम दोनों से दूर होने का गम बर्दाश्त नहीं कर पाया। आई लव यू रितु, मेरा जो भी अंग ठीक हो उसे दान में दे दो। अलविदा परिवार। सुसाइड नोट में गौरव ने पत्नी को संबोधित करते हुए लिखा है कि तुम घर छोड़कर गई, मैं दुनिया छोड़कर जा रहा हूं। मैं बीबी बच्चों के बगैर तीन महीनों से घुट रहा था। रितु तुम्हारा चेहरा देख लेता था, सांस आ जाती थी, चेहरा नहीं दिखा तो सांसें चली गई। रितु तुम अपने घर वालों के आगे मेरे प्यार को नहीं समझ पाई।