India Latest News Meerut-Saharanpur Saharanpur News Top News Uttar Pradesh

जम्मू कश्मीर में शहीद हुआ सहारनपुर का लाल, देखिए शहीद के गांव में क्या है हाल

सहारनपुर। बॉर्डर पर गश्त कर रही बीएसएफ की गाड़ी पर पाकिस्तान द्वारा ग्रेनेड फेंके जाने से सहारनपुर का एक जवान शहीद हो गया, जबकि तीन साथी जवान घायल बताए गए हैं। जवान के शहीद होने की सूचना मिलने पर परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है। गांव में शोक की लहर है। अधिकारीयों व जनप्रतिनिधियों ने गांव पहुंचकर शहीद के परिजनों को सांत्वना दी है

।नकुड थाना क्षेत्र के गांव भैरमऊ निवासी किसान शिताब सिंह का पुत्र जबर सिंह वर्ष 2011 में सीमा सुरक्षा बल में भर्ती हुआ था। इससे पहले में 2002 में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल में तैनात था। बताया गया है कि मैं जम्मू-कश्मीर के सांबा सेक्टर में 173 बटालियन की सहायक कमांडडेंट पद पर तैनात था। सोमवार की शाम को बी एस एफ की गाड़ी पर बॉर्डर पर गश्त कर रही थी। तभी पाकिस्तान की ओर से गाड़ी पर ग्रेनेड फेंका गया। जिसमें जवान जबर सिंह शहीद हो गया। परिजनों व ग्रामीणों ने बताया कि 173 बटालियन की ओर से सोमवार की रात्रि में फोन द्वारा बताया गया। कि पाकिस्तान द्वारा सीजफायर का उल्लंघन करने के कारण सहायक कमांडेंट जबर सिंह वीरगति को प्राप्त हो गये। इस सूचना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। हर कोई शहीद के परिजनों का ढांढस बंढाता रहा।
यह खबर क्षेत्र में जंगल की आग की तरह फैल गई। मंगलवार को पूरा दिन शहीद के घर पर ग्रामीणों, क्षेत्रवासियों, अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों का आना जाना लगा रहा। हर कोई जबर सिंह के शहीद होने पर गमगीन था। पुलिस अधीक्षक देहात विद्यासागर मिश्र,नकुड़ उपजिला अधिकारी रधुराज सिंह,नकुड़ क्षेत्राधिकारी यतेंद्र सिंह नागर,थाना प्रभारी निरीक्षक मुकेश गौतम,तहसीलदार नकुड़ सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने शहीद के घर जाकर परिजनों का शोक संतृप्त परिवार का सहास बढ़ाया है।

गांव भैरमऊ निवासी किसान शिताब सिंह के तीन पुत्र हैं। बड़ा तेजसिंह, जगदीश सिंह,और जबर सिंह सबसे छोटा था। भाई जगदीश ने बताया कि जबर सिंह को देश की सेवा करने का जज्बा था । इसलिए उसने सी आई एस एफ की नौकरी छोड़कर बीएसएफ में भर्ती हुआ था। हाल में ही में उसका प्रमोशन हुआ था। वह ऐसीसेन्ट कमांडेंट के पद पर तैनात था ।जगदीश ने बताया कि तीनों भाई इकट्ठा देते हैं और दोनों भाई गांव में खेती बाड़ी करते हैं। जबर सिंह की पत्नी सविता भी गांव में उनके साथ रहती हैं। जबर सिंह से रविवार को फोन पर बात हुई थी बताया था कि उसको छुट्टी मिल गई है।13 दिसंबर को अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने के लिए। जल्दी आ रहा है। शहीद जवान जबर सिंह की शादी 2004 में नैनखेड़ा में हुई थी। उसकी पत्नी का नाम सविता है।जो घर पर ही रहती है। उनके दो बच्चे हैं।बडा लडक हर्षित नो वर्ष का है। छोटी लड़की मनप्रीत सात वर्ष की है। दोनों नकुड के कलविन स्कूल में पढ़ते हैं।

परिजनों में ग्रामीणों ने बताया कि प्रदेश के राज्यमंत्री धर्म सिंह सैनी, गंगोह भाजपा विधायक प्रदीप चौधरी, सपा जिलाध्यक्ष रूद्रसैन, पूर्व सपा जिला अध्यक्ष राज सिंह माजरा, ने शहीद के परिवार के लोगों से फोन पर बात की और बढ़ाढ बढ़ाया है। शिव सेना जिला प्रमुख योगेंद्र सिरोही, वरिष्ठ सपा नेता संजीव चौधरी, भारतीय किसान यूनियन के मेवाराम सिंह, बबलू सिंह ,भाजपा के ओमपाल सिंह, राजपाल सिंह, वरिष्ठ भाजपा अजय सिंह सिरोही, ग्राम प्रधान सुभाष चौधरी, पूर्व प्रधान राजकुमार मानसिक बलमा अनेक गणमान्य शहीद के परिवार से मिले गांव में।

परिजनों में ग्रामीणों ने बताया कि प्रदेश के राज्यमंत्री धर्म सिंह सैनी, गंगोह भाजपा विधायक प्रदीप चौधरी, सपा जिलाध्यक्ष रूद्रसैन, पूर्व सपा जिला अध्यक्ष राज सिंह माजरा, ने शहीद के परिवार के लोगों से फोन पर बात की और बढ़ाढ बढ़ाया है। शिव सेना जिला प्रमुख योगेंद्र सिरोही, वरिष्ठ सपा नेता संजीव चौधरी, भारतीय किसान यूनियन के मेवाराम सिंह, बबलू सिंह ,भाजपा के ओमपाल सिंह, राजपाल सिंह, वरिष्ठ भाजपा अजय सिंह सिरोही, ग्राम प्रधान सुभाष चौधरी, पूर्व प्रधान राजकुमार मान सिंह वर्मा, अनेक गणमान्य लोग शहीद के परिवार से मिल है।

गांव भैरमऊ के जवान शहीद पर ग्रामीणों को गर्व है। शहीद के पिता शिताब सिंह की आंखे आंसुओं से नम हैं। लेकिन पुत्र के शहीद होने पर गर्व है। शहीद की पत्नी सविता का रो रो कर बुरा हाल है लेकिन पति के देश की रक्षा करते हुए शहीद होने पर पति पर गर्व है। वहीं दोनों बच्चों को अपने पिता के आने का इंतजार है।

Related posts

ट्रेन के आगे कूदी 12वीं की छात्रा, जानिए क्या थी वजह…

Editor

यूपी में बड़े सियासी समीकरण के संकेत, इमरान मसूद के बाद मौलाना मदनी से मिले चंद्रशेखर

Editor

सुशील कपिल ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के महानगर अध्यक्ष मनोनीत

Editor