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हेयर टेक्‍सचरिंग ट्रीटमेंट से कर्ली बालो को बनाये खुबसूरत

नई दिल्ली : बालों का ध्‍यान रखना थोड़ा मुश्किल होता है। कर्ल्‍स में कंघी करना या स्‍टाइलिंग करना कोई आसान बात नहीं है। ये बहुत मेहनत का काम माना जाता है। इसी वजह सेघराले  घुंबालों वाली महिलाएं हेयर प्रोसेस जैसे क‍ि टेक्‍सचराइजिंग करवाती हैं ताकि घुंघराले बालों की संरचना थोड़ी ढीली हो सके और उन्‍हें संभालना आसान हो। 1990 से ये प्रोसेस चला आ रहा है। इससे पहले ये अफ्रीकन-अमेरिकन महिलाओं के बीच बहुत प्रचलित था लेकिन अब ये दुनियाभर में घुंघराले बालों को आसानी से मैनेज करने के लिए इस्‍तेमाल किया जाता है। अगर आपके बाल भी घुंघराले हैं तो उनकी खूबसूरती को निखारने के लिए आप भी ये प्रोसेस ट्राई कर सकती हैं। तो चलिए जानते हैं इस प्रोसेस से जुड़ी कुछ खास बातें |ये एक केमिकल आधारित प्रक्रिया है जिसमें घुंघराले बालों के स्‍ट्रक्‍चर को बदल दिया जाता है और बालों को मैनेज करना आसान हो जाता है। अब ये कितना असर करता है ये तो आपके नैचुरल कर्ल पैटर्न पर निर्भर करता है। इस प्रोसेस के ब्‍यूटी कम्‍युनिटी में सबसे ज़्यादा पॉपुलर होने की यही वजह है कि इसके कई सारे फायदे होते हैं। ये ना सिर्फ बालों की वॉल्‍यूम को बेहतर करता है  इससे बाल और भी ज़्यादा चमकदार बनते हैं।

इस प्रक्रिया में कर्ल्‍स को कुछ इस तरह ढीला किया जाता है कि उन पर आसानी से कोई भी हेयरस्‍टाइल बनाया जा सके। अगर आपके टाइट कर्ल्‍स हैं तो आपके बालों में कोई भी हेयरस्‍टाइल बनाना काफी मुश्किल काम होता होगा। हेयर टेक्‍सचराइजिंग काफी हद तक हेयर रिलैक्‍सिंग की तरह ही है। ये प्रोसेस आप घर पर भी कर सकती हैं और सैलून जाकर भी बालों को टेक्‍सराइज़ करवा सकती हैं। टेक्‍सराइज़र एक केमिकल होता है जोकि बालों के स्‍ट्रक्‍चर को ठीक करता है। इसमे मौजूद केमिकल्‍स बालों के केराटिन को बदलने में सक्षम होते हैं। आपको बस लाई फॉर्मूला टेक्‍सचराइज़र या नो लाई फॉर्मूला चुनना है। विशेषज्ञों की मानें तो महिलाएं नो लाई फॉर्मूला ज़्यादा इस्‍तेमाल करती हैं क्‍योंकि ये लाई फॉर्मूला की तुलना में बालों को कम नुकसान पहुंचाता है। शैंपू से बालों को धोने के बाद टेक्‍सचराइजिंग के प्रोसेस में बालों में दस मिनट के लिए टेक्‍सचराइज़र छोड़ना पड़ता है। मुलायम और चमकदार बालों के लिए डीप कंडीश्‍नर करें।

बालों में टेक्‍सचराइज़ को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए इनका खास ध्‍यान रखना पड़ता है। आपको अपने हेयर केयर रूटीन में वॉल्‍यूम बूस्टिंग शैंपू को शामिल करना चाहिए। बालों को कम से कम 3-4 बार ज़रूर धोएं वरना इससे स्‍कैल्‍प पर धूल जम सकती है जोकि आपके टेक्‍सचराइज़ बालों को भी खराब कर सकता है। बालों के सिरों को डीप कंडीशनिंग देना बहुत ज़रूरी है। इससे कर्ल्‍स को संभालना आसान होता है और बालों में मॉइश्‍चर बना रहता है। टेक्‍सचराइज्‍ड बालों को मेंटेन रखने के लिए उन्‍हें स्‍टाइलिंग हीट टूल्‍स से बचाना बहुत ज़रूरी है क्‍योंकि ये बालों को नुकसान पहुंचाकर कर्ल्‍स को रूखा और कमज़ोर बना सस्‍कैल्‍प पर प्रॉडक्‍ट को जमने से बचाने के लिए रेसिड्यू फ्री शैंपू का इस्‍तेमाल करें। बालों को सुखाने के लिए तौलिए की जगह सूती टी शर्ट का इस्‍तेमाल करें। बालों को सूर्य की सीधी यूवी किरणों से बचाएं वरना इससे बाल समय से पहले ही सफेद हो सकते हैं। बालों को स्‍वस्‍थ रखने के लिए उन्‍हें अच्‍छी तरह से मॉइश्‍चराइज़ करें और सप्‍ताह में 2-3 बार शैंपू करें। बालों को ज़्यादा रब ना करें वरना इससे उनका नैचुरल ऑयल उड़ सकता है और बाल रूखे और कमज़ोर बन सकते हैं।

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