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गर्भावस्था में कैसे करें देखभाल

नई दिल्ली : जब एक महिला के गर्भाशय में किस बच्चे या शिशु का विकास हो रहा हो तो उसे गर्भवती या Pregnant कहा जाता है और उस अवस्था को गर्भावस्था Pregnancy कहा जाता है। गर्भावस्था हर एक महिला के लिए जीवन का एक महत्वपूर्ण समय होता है और इस समय उनको अच्छे देखभाल की आवश्यकता होती है। आज हम पोस्ट में आपको बताएँगे आप गर्भावस्था के समय किस प्रकार से स्वयं का देखभाल ख्याल रख सकते हैं?सबसे पहले आपको यह जानना जरूरी है कि क्या आप सही में गर्भवती हैं या नहीं? इसके लिए आप निचे दिए गए लक्षणों को पढ़ें और देखें क्या यह लक्षण आप पर लागु हो रहे हैं या नहीं?मासिक धर्म छूट जाना, उल्टी लगना या होना, थकावट, चक्कर आना, स्तनों में परिवर्तन आना, बार-बार पेशाब आना अगर आप पर ऊपर दिए हुए लक्षण लागु होते हैं तो सबसे पहले आपको दो मुख्य काम सबसे पहले करना चाहिए सबसे पहले अपने पास के मेडिकल डिस्पेंसरी या स्टोर से ले कर आये और घर पर परीक्षा करें।

अगर आपकापॉजिटिव बताता है तो आपको जल्द से जल्द अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए और इस विषय में बात करना चाहिए।डॉक्टर से अपॉइंटमेंट के बाद आप अपने प्रेगनेंसी के विषय में पूरी तरीके से कन्फर्म भी हो जायेंगे और आपको अच्छा सलाह और टिप्स भी मिल जायेगा।नीचे हम इस पोस्ट में आपको बताएँगे आप किस प्रकार गर्भवस्था के अलग-अलग तिमाहे में किस प्रकार अपना देखभाल कर सकते हैं।पहला तिमाही या बच्चे के विकास का बहुत ही महत्वपूर्ण समय होता है। ऐसे में आप में भी शारीरिक और भावनात्मक परिवर्तन होगा।हो सकता है आपको एहसास हो कि आप गर्भवती Pregnant हैं पर कुछ औरतों को इसका एहसास 4 या 5वें सप्ताह में होता है।इस तिमाही में बच्चे का विकास सबसे तेज़ी से होता है। ऐसे में ज्यदातर महिलाओं को अपने पहले तिमाही के 12वें सप्ताह तक बच्चे का एक सुने देता है।पहले तिमाही में आपके शारीर में बहुत सारे बदलाव आयेंगे।

हो सकता है शारीरिक रूप से आपको इन निचे दिए हुए बाद्लाव का अनुभव हो। जैसे थकान महसूस होना – इस समय आपका शारीर ज्यादातर समय ज्यादातर उर्जा बच्चे के विकास में लगा रहता है। ऐसे में जब आप ज्यादा काम कर देते हैं उर्जा कम होने के कारण आपको थकावट महसूस हो सकता है। इसलिए आपको ऐसे समय में ज्यादा से ज्यदा आराम करना चाहिए। अगर आपको ज्यादा थकान महसूस हो तो थोड़ी देर सो जाएँ। गर हो सके तो इन समय में आप अपने साथी को ऑफिस से छुट्टी लेने को कह भी सकते हैं ताकि वे घर में आपकी कुछ मदद कर सकें।उल्टी लगना या होना – पहले तिमाही में आपको थोडा उल्टी लगने के जैसा महसूस हो सकता है। ऐसे में ज्यादा चटपटा और तेल युक्त खाने के कारण इसके लक्षण औत बढ़ जाते हैं।

अगर आपको हद से ज्यादा उल्टी होने या लगने लगे तो जितना जल्दी हो सकते अपने डॉक्टर से मिलें।बार-बार पेशाब लगना – हो सकता है आपको लगातार पेशाब आये। ऐसा आपके गर्भधारण करने के एक सप्ताह के बाद बहुत सारे महिलाओं को होता है। यह सह्रीर में प्रोजेस्टेरोन हॉर्मोन के बढ़ने के कारण होता है। इस समय शारीर ज्यादा से ज्यादा खून श्रोणि क्षेत्र में भेजता है जिसकी वजह से मूत्राशय में जलन होता है और बार-बार पेशाब लगता है।स्तनों में बदलाव – प्रोजेस्टेरोन और एस्ट्रोजन के बढ़ने के कारण पहले तिमाही आप स्तनों में भी कुछ प्रकार के बदलाव अनुभव कर सकते हैं। स्तनों के निप्पल का रंग गाढ़ा होना, स्तनों का बड़ा होना या छूने पर दर्द होना जैसे लक्षण आप देख सकते हैं।

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