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हैप्पी बर्थडे अमिताभ बच्चन: कॉलेज में फेल हुए हैं सदी के महानायक अमिताभ, जानिए कुछ अनकही बातें

मुंबई: पिछले 45 सालों से फिल्मी कैनवस पर शहंशाह बनकर राज कर रहे मेगास्टार अमिताभ बच्चन के बारे में बात करने में एक युग भी कम है, आज भले ही 76 साल के पड़ाव पर उन्होंने कदम रख दिया हो लेकिन आज भी ना उनकी कला पर और ना ही उनके चाहने वालों पर उनकी उम्र से फर्क पड़ा है। पूरा राष्ट्र आज उन्हें बधाईयां देने में जुटा हुआ है। द ग्रेट अमिताभ के व्यक्तित्व में जीवन के वो सारे रंग हैं, जिन्हें पाने के लिए इंसान को सदियां लग जाती हैं। अमिताभ का संयमित और आदर्श जीवन ही है जो उन्हें अपने समकालीन कलाकारों से अलग करता है जिसका ताजा उदाहरण है कि उनसे उम्र में छोटे लोग या तो काम से संन्यास ले चुके हैं या फिर खटिया पर आखिरी सांस गिन रहे हैं जबकि अमिताभ आज भी हॉट सीट पर बैठे लोगों को हॉट लगते हैं।

ऐसा नहीं है कि अमिताभ को सफलता किसी जादूई छड़ी के चलते मिली है बल्कि इसके पीछे उनकी दिन-रात की कड़ी मेहनत है जिसके चलते 6 फुट 2 इंच का लंबा इंसान आज सदी का महानायक बन गया है। वो एक बेमिसाल एक्टर, अच्छे विलेन, आदर्श पति, आइडल पिता, सम्मानीय ससुर, उत्कृष्ठ प्रस्तोता और एक बहुत अच्छे भारतीय हैं। दर्शकों के स्नेह को अपने कैरियर का बेस्ट अवार्ड मानने वाले अमिताभ ने कई पुरस्कार जीते हैं, जिनमें 4 राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार और बारह फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार शामिल है। उनके नाम सर्वाधिक सर्वश्रेष्ठ अभिनेता फिल्मफेयर अवार्ड का रिकार्ड है। कहते हैं जब अमिताभ युग बॉलीवुड में शुरू हुआ था तो कॉमेडियन और विलेन को खतरा महसूस होने लगा था।

क्योंकि बच्चन एक कंपलीट एक्टर हैं, जो पर्दे पर ढिशूम-ढिशूम भी करते थे और जोक्स मारकर कॉमेडी भी और हर जगह वो हिट भी थे। लेकिन राजनीति एक ऐसा क्षेत्र है जहां अमिताभ बुरी तरह फेल रहे और इस तरह उनका वहां से मोहभंग हुआ कि उन्होंने राजनीति से ही संन्यास ले लिया लेकिन आप में से बहुत कम लोग जानते होंगे कि अमिताभ राजनीति में ही नहीं कॉलेज में भी फेल हो चुके हैं, जी हां आपके चहेते अमिताभ साहब बीएसएसी के पहले साल में फेल हुए थे, कारण था उनका गणित विषय में कमजोर होना। आपको बता दें कि अमिताभ बच्चन ने दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कॉलेज से बीएसएसी किया है। सन् 1984 में अमिताभ ने इलाहाबाद लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था।

और उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एच.एन. बहुगुणा को हराकर संसद में पहुंचे थे। हालांकि अपने राजनैतिक कैरियर के तीन साल बाद ही इन्होंने त्यागपत्र दे दिया था। इस त्यागपत्र के पीछे इनके भाई का बोफोर्स विवाद में अखबार में नाम आना था, जिसके लिए इन्हें अदालत में जाना पड़ा।इस मामले में बच्चन को दोषी नहीं पाया गया। अपनी गलतियों से सीखकर हमेशा आगे बढ़ने वाले बिग बी ने लोगों के सामने सफलता की नयी तस्वीर पेश की है और कहा है कि मेहनत ही आपको शिखर तक ले जायेगी। अगर उनके सार्थक अभिनय की बात करने लग जायेंगे कि तो शायद एक सदी बीत जाये। बस इतना कहा जा सकता है कि अमिताभ बेमिसाल, बेहतरीन और लाजवाब है।

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