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गर्लफ्रेंड ने की अपने ब्वॉयफ्रेंड की आत्महत्या करने में मदद, मिली खतरनाक सजा

वॉशिंगटन: अमेरिका में साल 2017 में हुए आत्‍महत्‍या के एक केस ने हर किसी को हिलाकर रख दिया था। इस केस में मैसाच्‍यूसेट्स सुप्रीम ज्‍यूडीशियल कोर्ट ने गर्लफ्रेंड पर मानवहत्‍या के अपराध में मिली सजा के फैसले को बरकरार रखा है। मिशेल कार्टर नामक एक महिला को अपने ब्‍वॉयफ्रेंड को आत्‍महत्‍या के लिए उकसाने का दोषी पाया गया था। कार्टर पर आरोप लगा था कि उसके टेक्‍स्‍ट मैसेजेस ने ब्‍वॉयफ्रेंड को अपनी जिंदगी खत्‍म करने पर मजबूर कर दिया था। दो वर्ष पहले हुई इस घटना और इस केस में आए फैसले ने हर किसी को हैरान कर दिया था। कोर्ट के जस्टिस स्‍कॉट काफकेर ने इस फैसले को लिखा था। उन्‍होंने अपने आदेश में कहा, ‘केस में मिले सुबूत जज की फाइंडिंग्‍स को सही साबित करते हैं और यह साबित होता है।

कि बचाव करने वाली युवा ने अनैच्छिक अपराध को अंजाम दिया था’ उन्‍होंने आगे कहा, ‘महिला के निर्दयतापूर्ण व्‍यवहार ने पीड़‍ित को आत्‍महत्‍या करने पर मजबूर कर दिया था। एक युवा अपराधी के तौर पर अनैच्छिक मानवहत्‍या में उन्‍हें मिली सजा गैरकानूनी या असंवैधानिक नहीं है।’ कार्टर के वकील डैनियल मार्क्‍स ने वॉशिंगटन पोस्‍ट को दिए अपने बयान में कहा है कि कुछ और कानूनी विकल्‍पों पर विचार किया जा रहा है, जिसमें अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में संभावित अपील जैसा विकल्‍प भी शामिल है। उन्‍होंने कहा, ‘वह कोर्ट के फैसले से निराश हैं और उनकी वजह से कॉनराड रॉय की मृत्‍यु नहीं हुई थी।’ उन्‍होंने कहा कि कॉनराड अपनी जिंदगी खत्‍म करना चाहते थे और इसके लिए कार्टर को जिम्‍मेदार नहीं ठहराना चाहिए।

कोर्ट के डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक 22 वर्षीय कार्टर और कॉनराड रॉय की मुलाकात साल 2012 में हुई थी। उन्‍होंने टेक्स्‍ट मैसेजेस के जरिए अपनी रिलेशनशिप को बरकरार रखा था और अक्‍सर मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य से जुड़े मुद्दों पर वे चर्चा करते थे। रॉय पहले भी आत्‍महत्‍या करने की कोशिशें कर चुके थे। वहीं कार्टर अपने इटिंग डिसऑर्डर के लिए इलाज के लिए परामर्श चाहती थीं। कोर्ट के डॉक्‍यूमेंट्स के मुताबिक शुरुआत में कार्टर ने रॉय से मदद मांगी। रॉय अक्‍सर आत्‍महत्‍या करने के तरीकों पर ही रिसर्च करते रहते थे। उन्‍होंने इससे जुड़ी फाइंडिंग्‍स कार्टर के साथ भी शेयर कीं। इसके बाद कार्टर ने आत्‍महत्‍या की प्‍लानिंग जैसे इसे कहां और कब अंजाम देना है, इस बारे में रॉय की मदद की।

कार्टर ने रॉय के इस डर को भी नजरअंदाज कर दिया कि उनके आत्‍महत्‍या करने के बाद परिवार पर कैसा और कितना प्रभाव पड़ेगा। कोर्ट ने दोनों के बीच मैसेज के जरिए जो बात हुई उसके हवाले से यह सब कहा है। जुलाई 2014 को भेजे गए एक टेक्‍स्‍ट मैसेज में कार्टर ने रॉय को लिखा था, ‘मुझे लगता था कि तुम यह करना चाहते हो। यह समय अभी सहीं है और तुम तैयार हो, तुम बस अब इसे पूरा करना है।’ जिस समय कार्टर ने यह मैसेज रॉय को भेजा, उस समय उन्‍हें आत्‍महत्‍या को लेकर कई तरह की आशंकाएं थीं। दोनों ने मैसेजेस में आत्‍महत्‍या के तरीकों पर चर्चा की जिसमें कार्बन मोनोऑक्‍साइड जैसे जहर पर हुई चर्चा भी शामिल थी। 13 जुलाई 2014 को रॉय का शव मैसाच्‍यूसेट्स की पार्किंग में एक गाड़ी में मिला था।

रॉय ने कार्बन मोनोअक्‍साइड को सूंघा था और उन्‍होंने यह काम गैस से चलने वाले वॉटर पंप की मदद से किया था। सितंबर 2014 में कार्टर ने अपने एक फ्रेंड को मैसेज किया। इसमें लिखा था, ‘मुझे लगता है कि उसने मेरी वजह से आत्‍महत्‍या कर ली है। ईमानदारी से कहूं तो मैं उसे रोक सकती थी, मैं उसके साथ फोन पर बात कर रही थी और वह कार से बाहर आ गया था। वह बहुत डर गया था क्‍योंकि कार्बन मोनोऑक्‍साइड ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया था। मैंने उसे कहा कि वह कार के अंदर चला जाए।’ रॉय की उम्र उस समय 18 और कार्टर की उम्र उस समय 17 वर्ष थी। तीन वर्ष बाद कार्टर को मानवहत्‍या का दोषी पाया गया था।

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